आधुनिक और आदर्श बनेगी राल गोशाला
उमा कल्याण ट्रस्ट द्वारा राल गोशाला को एक आधुनिक और आदर्श गौ आश्रय स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे यहाँ गोवंश को सुरक्षित, स्वस्थ और पोषणकारी वातावरण प्रदान किया जा सके।
इन योजना में गोशाला का सौंदर्यीकरण, गोवंश की देखभाल, पालन-पोषण, चारा, स्वास्थ्य-चिकित्सा, प्रशासन, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के लिए विभिन्न सुविधाएँ सम्मिलित हैं।
प्राथमिकता
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01. बाड़ों में गोवंश की सुरक्षा
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02. गोवंश के लिए भोजन-पानी
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03. गोवंश का स्वास्थ्य-उपचार
प्रथम चरण
योजना के प्रथम चरण में किए जा रहे कार्य :-
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पहचान और ट्रैकिंग के लिए प्रत्येक गोवंश का नामकरण और संख्या देना।
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विभिन्न श्रेणियों के गोवंश के लिए अलग-अलग बाड़े — बच्चे, बीमार, वृद्ध, नर गोवंश तथा गर्भवती एवं दूध देने वाली गाय।
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अस्वस्थ गोवंश की चिकित्सा-उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सकों की टीम और दवाओं की निरंतर उपलब्धता।
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चारा भंडारण और चारा — सूखा, हरा, दाना आदि — वितरण का उचित प्रबंध।
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चारे के लिए नैपियर घास का उत्पादन।
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बाड़ों की सफ़ाई, चारा डालने से पहले लावणियों अर्थात् नांदों की सफ़ाई और गोवंश के पीने वाले पानी को प्रतिदिन बदलना।
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गोवंश के लिए प्रत्येक बाड़े में पानी और चारा आपूर्ति के लिए उचित प्रणाली।
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गोवंश के लिए आरओ वाटर प्लांट।
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गोमूत्र और गोबर के संग्रह के लिए उचित प्रणाली।
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उचित वेंटिलेशन, पंखे आदि की व्यवस्था।
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गोवंश पर कुत्तों के हमले से सुरक्षा।
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गोवंश के अंतिम संस्कार प्रणाली में सुधार।
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गोशाला में रहने वालों के लिए सुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था।
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अपने बाड़े को साफ़-सुथरा रखने और चारा-दाना-पानी आदि की व्यवस्था को ठीक रखने वाले बाड़ा प्रबंधक/सुपरवाइज़र को सम्मानित, पुरस्कृत एवं प्रोत्साहित करना।
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अन्नपूर्णा में भोजन की साफ़-सुथरी और पौष्टिक आहार व्यवस्था प्रणाली।
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उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव का ध्यान रखना।
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गौ उत्पाद केंद्र में गौ उत्पादों का निर्माण।
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पंचगव्य चिकित्सा तथा औषधि निर्माण।
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गाय के गोबर की खाद तथा अन्य गौ उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था।
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देशी गाय का शुद्ध बिनौला घी।
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बैल चालित कोल्हू।
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गोशाला के चारों ओर की सीमाओं की दीवार के साथ वृक्षारोपण।
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गोवंश के चरने के लिए घास लगाना।
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उचित जल निकासी और स्वच्छता प्रणाली।
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पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय।
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तालाब/कुंडों को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाना।
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गोशाला के परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त करना तथा नाले की सफ़ाई।
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पोषण वाटिका।
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आगंतुकों के लिए गौ पूजा, गाय को खिलाना, गायों को गले लगाना, परिक्रमा आदि की व्यवस्था।
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अतिथियों के ठहरने के लिए सुविधायुक्त कॉटेज बनाना (प्रथम चरण में कम से कम 1 कॉटेज का निर्माण)।
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CCTV कैमरा नियंत्रण कक्ष।
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गोशाला के बच्चों के लिए गुरुकुल।
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विहार वन मंदिर को भक्ति और आस्था का केंद्र बनाना।
द्वितीय चरण
योजना के द्वितीय चरण में किए जाने वाले कार्य :-
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ट्रस्टी के लिए केबिन और एक सम्मेलन कक्ष के साथ प्रशासनिक कार्यालय।
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सेवा भागीदारों, सहयोगियों और दाताओं के नाम और लोगो के साथ स्वागत कक्ष।
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गाय प्रजनन और अनुसंधान केंद्र।
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गोवंश के लिए सुबह और शाम संगीत।
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गोवंश के लिए स्नान सुविधाएं।
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ऑडियो-विजुअल शो का प्रबंध।
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कैफेटेरिया और खाद्य कोर्ट।
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नवीकरणीय ऊर्जा के लिए बाड़ों पर सौर पैनल।
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200 कारों/बसों/ट्रकों के लिए पार्किंग।
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गोशाला को “गौ अभ्यारण्य” के रूप में विकसित करना।
आदर्श गौ आश्रय स्थल की ओर एक कदम
राल गोशाला के विकास की यह योजना गोवंश की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और संरक्षण के साथ-साथ गोशाला को आत्मनिर्भर एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न चरणों में प्रस्तावित सुविधाओं के माध्यम से गोशाला को सेवा, शिक्षा, पर्यावरण, जैविक जीवनशैली और सामुदायिक सहभागिता का एक आदर्श केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन प्रयासों के माध्यम से राल गोशाला को भविष्य में एक ऐसे आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर गौ आश्रय स्थल के रूप में विकसित करनेकी योजना है, जहाँ गोवंश की सेवा के साथ आगंतुकों को भी भारतीय गो-संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो।