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सहभागिता योजना

सहभागिता योजना

एक बेसहारा गाय पालें और हर महीने 1500 रुपये पाएं

गोवंश के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहभागिता योजना के तहत देशी गोवंश का पालन-पोषण कर रहे सभी परिवारों को प्रति गोवंश 1500 रुपये प्रतिमाह दिये जा रहे हैं। ये धनराशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। जिन किसानों के पास देशी गाय नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से एक देशी गाय मुफ्त में मुहैया कराई जाती है।

निराश्रित/बेसहारा गोवंश के संरक्षण तथा प्रदेश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर पशुपालकों की आय को बढ़ाने के साथ-साथ गोपालन को बढ़ावा देने के लिए सहभागिता योजना प्रारंभ की गयी है।

सहभागिता योजना का उद्देश्य

सहभागिता योजना का उद्देश्य निराश्रित गोवंश को संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गोपालन से जोड़ना और उनकी आय तथा पोषण की स्थिति में सुधार करना है।

सहभागिता योजना के मुख्य उद्देश्य

  • बेसहारा गोवंश से सुरक्षा: बेसहारा गोवंश से फसल और जनमानस की सुरक्षा करना।

  • देशी नस्ल का संरक्षण: देशी गोवंशीय नस्लों का संरक्षण और संवर्धन करना।

  • पोषण: कुपोषित एवं जरूरतमंद परिवारों को दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

  • गोपालन को बढ़ावा: किसानों और पशुपालकों को गोवंश के पालन-पोषण के लिए प्रोत्साहित करना।

सहभागिता योजना के लिए पात्रता

मुख्यमंत्री बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को ऐसे इच्छुक किसानों, पशुपालकों और स्वयंसेवकों का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो निराश्रित गोवंश पालने के लिए तैयार हैं।

  • योजना का पात्र केवल वह व्यक्ति होगा जो उत्तर प्रदेश राज्य का मूल निवासी हो और वर्तमान में अपने मूल निवास में रह रहा हो।

  • व्यक्ति को गोवंश के पालन-पोषण का अनुभव होना चाहिए तथा उसके पास पशु रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।

  • एक व्यक्ति को अधिकतम 4 गोवंश दिए जाएंगे। नन्हें जन्मे बछड़े की गणना नहीं की जाएगी अर्थात गाय और उसकी दूध पीती बछिया को एक ही माना जाएगा।

  • योजना के लाभार्थी एवं आवेदक के पास बैंक खाता होना चाहिए।

  • आवेदक का आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।

  • इच्छुक व्यक्ति निर्धारित प्रारूप पर पहचान पत्र और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी के साथ आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक व्यक्ति अपने पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड तथा बैंक पासबुक की फोटोकॉपी के साथ निर्धारित प्रारूप पर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन एवं चयन से संबंधित जानकारी के लिए अपने ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (BDO) एवं पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

सहभागिता योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • राशन कार्ड

  • निवास प्रमाण

  • वोटर पहचान पत्र

  • मोबाइल नंबर

  • ईमेल आईडी

  • पासपोर्ट आकार का फोटो

  • बैंक पासबुक

योजना से मिलने वाले लाभ

जिला अधिकारी जनपद के ऐसे इच्छुक किसानों, पशुपालकों एवं अन्य व्यक्तियों को चिन्हित कराते हैं जो निराश्रित गोवंश को पालने के लिए तैयार हैं।

चयनित पशुपालकों को ₹50 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से भरण-पोषण हेतु धनराशि संबंधित पशुपालक के बैंक खाते में प्रतिमाह DBT प्रक्रिया द्वारा हस्तांतरित की जाती है।

₹1,500 प्रतिमाह प्रति गोवंश

₹50 प्रतिदिन की दर से प्रति गोवंश लगभग ₹1,500 प्रतिमाह की भरण-पोषण राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

गोवंश की सुपुर्दगी

बेसहारा गोवंश, जिनके कान में टैग मौजूद है, पशुपालकों को जिला प्रशासन द्वारा स्थापित एवं संचालित स्थायी/अस्थायी गोवंश संरक्षण केंद्रों के माध्यम से सुपुर्द किया जाता है।

चुने गए पशुपालक एवं किसानों के सुपुर्द किए गए गोवंश को किसी भी दशा में विक्रय नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें खुला छोड़ा जाना चाहिए।

गौ धाम, वृंदावन की भूमिका

गौ धाम, वृंदावन द्वारा ‘मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना’ से किसानों को जोड़कर गौ रक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है।

  • किसानों से गोवंश सुपुर्दगी फॉर्म भरवाना।

  • किसानों से सहभागिता योजना से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र करना।

  • सरकारी गोशाला से गोवंश किसानों के घर तक पहुंचाना।

  • गोवंश दिए जाने के बाद समय-समय पर किसानों के घर जाकर गोवंश की स्थिति की जानकारी लेना।

  • किसानों को दिए गए गोवंश के उपचार की व्यवस्था करना।

  • किसान परिवार की महिलाओं को गोबर एवं गोमूत्र से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाना।

ग्रामीण महिला सशक्तिकरण

सहभागिता योजना के माध्यम से किसान परिवारों को गोवंश से जोड़ने के साथ-साथ उनके परिवार की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

गौ धाम द्वारा महिलाओं को गोबर और गोमूत्र से विभिन्न उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आय का साधन प्राप्त करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायता मिलती है।

सहभागिता योजना से जुड़ने की प्रक्रिया

  • योजना के लिए अपनी पात्रता सुनिश्चित करें।

  • आवश्यक दस्तावेज तैयार करें।

  • संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।

  • निर्धारित प्रारूप में आवेदन करें।

  • चयन के बाद सरकारी संरक्षण केंद्र से गोवंश प्राप्त करें।

  • गोवंश की उचित देखभाल एवं पालन-पोषण सुनिश्चित करें।

महत्वपूर्ण जानकारी

सहभागिता योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि निराश्रित गोवंश को सुरक्षित परिवार और स्थायी आश्रय उपलब्ध कराना भी है।

योजना के अंतर्गत प्राप्त गोवंश को किसी भी स्थिति में बेचा नहीं जाना चाहिए और न ही खुले में छोड़ा जाना चाहिए। पशुपालक को गोवंश के भोजन, पानी, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

गौ धाम गुरुकुल की झलकियां

सहभागिता योजना से जुड़ें और गोवंश संरक्षण में अपना योगदान दें 🙏

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